M1 IN NEWS

ट्रेड्स ने डेयरी व्यवसाय के तीव्र विकास में मदद की

एमएसएमई को किए जाने वाले भुगतान में विलंब होना एक बहस का विषय है, जिस पर हाल ही में भारतीय संसद में एक लंबी बहस हुई, क्योंकि एमएसएमई समाधान पोर्टल के अनुसार सरकारी उद्यमों के खिलाफ भुगतान में विलंब के लिए आवेदनों की संख्या वित्तवर्ष 2022 की पहली तिमाही में 6983 से बढ़कर वित्तवर्ष 2023 की पहली तिमाही में 7768 हो गई।

इस समस्या को हल करने और भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का एक प्रभावशाली समाधान वैकल्पिक फंडिंग द्वारा मिल सकता है।

ट्रेड्स की मदद से एक खुली नीलामी प्रक्रिया में पीएसयू बैंक और एनबीएफसी सहित अनेक फाईनेंसर्स द्वारा बिना किसी कोलेटरल के इनवॉइस पर 24 घंटों के अंदर तुरंत वित्तपोषण, वो भी 14 से 25 प्रतिशत के एमएसएमई लोन के मुकाबले केवल 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत में दिए जाने से भारत को 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में काफी मदद मिल सकती है, लेकिन एमएसएमई के लिए अन्य एमएसएमई लोन के मुकाबले कम दस्तावेजों के साथ ट्रेड्स सेवाएं प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती है।

उत्तर भारत से फ्लेवर्ड दूध निर्माता, आनंदा फ्लेवर्ड मिल्क अपने उत्पाद अनेक सुपरस्टोर्स पर बेचते हैं। उनके सीएम, फाईनेंस के अनुसार, वो अपनी इनवॉइस पर ट्रेड्स द्वारा वित्त प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा, “एमा एक्सचेंज की ट्रेड्स सेवा बहुत सुविधाजनक और यूजरफ्रेंडली डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहाँ एमएसएमई अपने सुविधाजनक समय पर इनवॉईस अपलोड कर सकते हैं, और एक खुली नीलामी प्रक्रिया द्वारा विभिन्न बैंकों से 24 घंटों में प्रतिस्पर्धी ब्याज दर पर फंड प्राप्त कर सकते हैं। इससे वेंडर के परिवेश में काफी सुधार आया है और हमें उन्हें समय पर भुगतान करने में मदद में मिली है, ताकि वो एआरसीए की सुगमता से व समय पर आपूर्ति कर सकें।